- हमारे मुक्त प्लेटफार्म पर भारतीय भाषाओं को कार्यरत करने पर कार्यो को आसानी से किया जा सकता हैं।इन कार्यो को श्रेणियो में वर्गीकृत किया गया है जो कि इस प्रकार हैं :
- प्रोगामिग
- इस्तम का विकास
- अनुवाद
- उपयोगकर्त्ता और उपयुक्त्ता मंतव्य
- विषय उत्पादन
सिस्टम स्तर: युनिकोड वाक्यो को सिस्टम स्तर और एप्लीकेशन स्तर पर प्रिन्ट करने के लिये आधार।CDAC(पहले का NCST मुम्बई)का oprint साधन इसप्रकार आधार देता है। KDE 3.2 और QT 3.2 भी इसके लिये आधार प्रदान करते है किंतु यह प्राथमिक स्तर पर है।
* सिस्टम स्तर :भारतीय लिपी के लिये अधिक से अधिक ओपन टाईप फौंट (नियमो के साथ) बनाना।
* सिस्टम स्तर: आईट्रान्स इनपुट विधी जैसा एक काल्पनिक कीबोर्ड बनाना जो कि स्थान के अनुसार बदलजाये ।
* सिस्टम स्तर: हम चाहते है कि हमारे पास नॉपीक्स /जीनाॅपीक्स /मॉरपीक्स जैसे ढॉंचे हो ।जिसका उपयोग व्यवहारिक सीडी बनाने के लिये किया जाये।इसे हम विशेष क्षेत्र के लिये सीडी की जीनयुभारती श्रेणी कहेगे। उदा.के लिये इड्युटेटमेन्ट, पर्यावरणिय बनावट 3.डी दृश्यमान और जीआईएस के साथ। स्कुल और कॉंलेज के लिये गणित, रसायन शास्त्र आदी ।
* सिस्टम स्तर: हम एक एसे साधन(बॉंक्स) की इच्छा रखतेहै जो कि कम्प्युटर ना हो किन्तु वह सस्ते हार्डवेयर ओर साॅफटवेर प्रदार करे। ताकी ग्रामिण लोगो के व्दारा इसका उपयोग आसानी से किया जा सके।
* प्रोग्रामींग : जिनोम (gtk 1.2 से gtk 2.4) और केडीई (क्यु टी 3.2) की पुरानी लाइब्ररी को नई लाइब्रेरी में प्रस्थापीत करने के लिये युनिकोड आधार प्रदान करता है। युनिकोड भारतीय भाषाओं को सरल रुप में एप्लीकेशन में कार्यरत करता है।
प्रोग्रामींग :हमें बहुभाषीय शब्दकोश बनाने के लिए एक अच्छे ढॉंचे कि आवश्यकता है । हमारे पास एक भी इलेक्ट्रानिक मुक्त शब्दकोश नहीं हैजिसमे कि सभी भारतीय भाषाओ का समावेश हो। इस शब्दकोश में अर्थ,व्याकरण,उच्चारण और इसके अलावा ग्राफिक्स के साथ बहुभाषीय जानकारी,साउन्डक्लिपस और वीडीयो क्लिप्स ।वेब के द्वारा इसके लियेसहयोग प्रदान किया जा सकता है। प्रारम्भ मे यदि शेक्षणिक संस्थाये भाग ले तो हाइब्रिड मीडिया भी इसका उपयोग कर सकती है। प्रोग्रामिंग: हमें क्युटी लीगिस्ट या केबेबल का अंग्रेजी से किसी अन्य भाषा में अनुवाद करने के लिये सहयोग की आवश्यकता है। हमे एक एसे साधन कि आवश्यकता है जो कि किसी एक भाषा का अनेक भारतीय भाषाओं में अनुवाद कर सके।जब कुछ शब्द भारतीय भाषाओं में पहले से ही अनुवादित हो चुके हो तो (जैसे हिन्दी,मराठी में) उन शब्दो का अनुवाद किसी अन्य भाषा (जे गुजरातीमें) मे हो ओर यह अनुवाद बटन पर भी प्रदर्शित हो। प्रोग्रामींग:-अक्षरो का एक भारतीय भाषा से अन्यभाषा में परिवर्तन : भारतीय भाषा के लिये कई फौंटपरिवर्तक उपस्थित है । इसके लिये काफी सिध्दान्त भी है। ISCII(89 या 91?)एक प्रमाणिक इनकोडिंग है जो कि फौंट से स्वतंत्र है ।हमे युनिकोड परआधारित एक एसे परिवर्तक की आवश्यकता है जो कि एक लिपी को अन्य लिपी में परिवर्तित कर सके। अनुवाद:यदि आप हमारे प्रगती (progress) पेज को देखे तो आपको सिस्टम स्तर संदेश और ग्लोसरी के अनुवाद से सम्बन्धित काफी जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही आपको काफी संख्या में हस्तसम्बन्धी लेखन का अनुवाद करने की आवश्यकता है।हमे इनके अनुवाद के लिये सभी के सहयोगकी आवश्यकता है। उपयोगकर्ता और उपयुक्तता मंतव्य :हमारा मुख्य उद्देश्य हमारे उत्पादन की प्रसिद्धि करना है। इसके लिये हमे इस बात का पता लगाने की आवश्यकता हैकी लोग हमारे उत्पादन का किसप्रकार से उपयोग कर रहे है। उनकी मुलभुत आवश्यकता क्या है जो कि वर्तमान में हमारे द्वारा । कॉंलेज के विधार्थी मासमीडीया मार्कैटींग का अध्यन जीनयुभारती की सीडी एवं अन्यपेकेजो का अध्ययन करके हमे दे। विषय उत्पादन:- मुक्त किताब: हम ऐसा विश्वास करते है की हमारे पास इतनी बुद्धीमत्ता है कि ह मुख्यकार्य को भारतीय भाषा में लिख सकते है। इसकेलिये कुछ आधुनिक साहित्य की आवश्यकता है। (जिसमे कि हम इलेक्ट्रानिक साधनो जैसे आडियो/विडीयोमल्टीमीडिया का उपयोग कर सकते हैं या नहीं भी कर सकते हैं। बहुत से इडाय़ूटमेंट जो कि मुक्त रुपमें लिखे जा सके या मुक्त डाउनलोड के लिये प्रदर्शित हो। विषय उत्पादन: गुप्तरिपोर्ट : विसकोनसिन विश्व विधालय के व्दारा मुक्त इमेल के लिये एक साप्ताहीक मैगजीन बनाई है।जो कि इन्टरनेट पर हमे सभी उपयोगी शिक्षा सम्बन्धी साईट की सुॅंची प्रदान करता हैं। हमे एक एसे स्पांन्सर की आवश्यकता हैं जो व्याख्या का अनुवाद भारतीय भाषाओ में करके उसे क्रमबद्ध करें। साथ ही हर सप्ताह मुक्त रुप में इस क्रमबद्ध अनुवाद को सभी भारतीय भाषाओ में डाले। इसकामुल्य हर महीने प्रत्येक भाषा के लिये लगभग ३०० रुपये होना चाहिये । इसकी हार्डकाॅपी सभी शिक्षण संस्थाओ और लाइब्ररी में भेज सकते है। इसका मुल्य प्रत्येक कॉंपी के लिये और डालने के लिये १० रुपयेहोगा। विषय उत्पादन :ग्रामीण तकनीक: ग्रामीण क्षेत्रो में तकनीकी विकास की आवश्यकता है।यह सभी भारतीय भाषाओं में हो इसकी आवश्यकता हैं।
