लक्ष्य : तकनीकी-अंकीकरण(digital) द्वारा निर्मित दीवार को दूर करना


इन्डीकट्रान्स की टीम का उद्देश्य तकनीकी-अंकीकरण के कारण उत्पन्न कठिनाई को खत्म करना हैं। हमें सूचना-तकनीकी क्षेत्र में भारत की प्रगती का लाभ उन ९८ प्रतिशत लोगों तक पहुंचाना हैं जो लिये अंग्रेजी-भाषा में राहत महसूस नहीं करते हैं।

शिक्षा के द्वारा लोगों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है, इस कारण हम विश्वस्तर के शैक्षिक-साधन स्कूलों में पहुंचाना चाहते हैं। हमारा ध्यान उन स्कूलों की तरफ केंद्रित हैं जो गैर-अंग्रेजी भाषाओं में शिक्षा प्रदान करते हैं, जहॉं संगणक की सुविधा उपलब्ध हो रही है। हम ऐसे स्कूलों को सॉफ्टवेअर, मदद-पत्रिका, किताबें और जरुरी सहायता देने की कामना करते हैं। हम फ्रिडक सिडी से शुरुआत करना चाहेंगे हैं जो की अब सीधे युनेस्को द्वारा प्रायोजीत है। हम ऐसे साॅफ्टवेअर(जो की मुफ्त में उपलब्ध है) को भारतीय भाषाओं में लाना चाहते हैं।

हमें लगता है आपरेटिंग सिस्टम से शुरुआत करना उचित होगा। लेकिन हमारा दृष्टीकोण केवल यहीं तक सीमित नही रहेगा, हम इसके साथ ही अन्य कार्यक्रमों और विकास के साधनों को भी स्थानीय भाषाओं में लाना चाहते हैं।

इस कार्य में हम सभी स्तर के लोगो को आमंत्रित करते हैं कि वे हमें अपना सहयोग दें। इस कार्य के लिये आवश्यक सभी साधन और सहायता हम अपनी वेबसाइट के द्वारा उपलब्ध करवायेंगे । साथ ही पारंपारिक डाक, स्नैल मेल या किसी और दूसरे तरह से भी सहायता का प्रबंध किया जायेगा। न्यूनतम संसाधनों के साथ और धन पर कम से कम अवलंबीत रहकर हम शिक्षा के क्षेत्र में एक नया पर्व शुरु करना चाहते हैं।

हम यह काम गांव और छोटे शहरों तक ले जाना चाहते है। साथ ही हार्डवेअर उत्पादक, समाज-सुधारकों, भाषा-प्रेमियों तथा विकाससेवकों से भी सहायता की अपेक्षा भी करते हैं। अंततः यह अपेक्षा करते है कि सरकारी संस्थाऍं हमारे कार्य में हमारे साथ हों।

हम जिएनयु की विचारधारा "समाज-निर्माण" को लागू करना चाहते हैं और आशा करते हैं कि आप भी हमारे साथ हैं।