वर्ड प्रोसेसर एक साॅफ्टवेयर पैकेज हैं। इस पैकेज की सहायता से आप एक नया दस्तावेज(Document) बना सकते हैं तथा उस दस्तावेज में समय समय पर सुधार भी कर सकते हैं ।
इसके अलावा इस पैकेज में कई अन्य कार्य भी सम्भव हैं
- इन दस्तावेजों में लेख लिखे जा सकते हैं ।
- किसी विषयवस्तु की जानकारी को दर्शाया (presentation) जा सकता हैं ।
- एचटीएमएल फाईल को बनाया जा सकता हैं ।
- इसमे चित्रो को डाला जा सकता हैं साथ ही उसमे बदलाव भी किये जा सकते हैं
उपरोक्त कार्यो को करने के लिये वर्ड प्रोसेसर में भिन्न-भिन्न सूचिया (मेन्यु) तथा चिन्ह (आईकन) उपस्थित होते हैं । हम यहा जिस वर्ड प्रोसेसर के बारे में जानकारी दे रहे हैं वह oppenoffice.org हैं । सामान्यतः इसे लिनक्स आॅपरेटिग सिस्टम पर स्थापित(installed) किया जाता हैं । किन्तु यदियह स्थापित नहीं हैं तो इसे स्थापित करने लिये सीडी का उपयोग किया जा सकता हैं । यदि आप oppenoffice को खोलना चाहते हो तो डेक्सटाॅप पर उपस्थित आइकन या कमाण्ड लाइन पर ooffice कमाण्ड देकर इसे खोल सकते हैं
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अब हम यहा ओपनआॅफिस के मुख्य लक्षणो को दर्शा रहे हैं
- कैसे खोले
- "फाइल बनाने की प्रक्रिया तथा इसके अन्य विकल्प"
- "फाइल का संशोधनतथा इसके अन्य विकल्प"
- दस्तावेज के लिये उपलब्ध भिन्न भिन्न व्यु तथा अन्य विकल्प
- इनसर्ट मेन्यु तथा इसके अन्य विकल्प"
- कुछ अन्य टूल्स डाटाबेस,स्पेलचेक आदि के लिये
- अन्य लक्षण
- भिन्न भिन्न विंडो के विकल्प
कैसे खोले: उपर बताई गई प्रक्रिया के अलावा आप ओपनआॅफिस को नीचे दी गई सूचना के आधार पर भी खोल सकते हैं
- सर्वप्रथम आप स्टार्ट पर क्लिक करें ।
- अब आॅंफिस लेबल का चयन करें ।
- इसके पश्चात 'openoffice.org writer' पर क्लिक करें ।
समान्यतः ओपनऑंफिस में बनाये गये किसी भी दस्तावे को फाईल कहते हैं। इस फाईल का विस्तारक (एक्सटेन्शन) .sxw होता हैं । उदा. के लिये आपके पास assignment1.sxw नाम की एक फाइल हैं तो इसे आप इसे इसप्रकार संचित कर सकते हैं कि इसे किसी अन्य साॅफ्टवेयर जैसे Microsoft Word के द्वारा भी खोला जा सके । इसके लिये आपको 'Save As' के विंडो में नीचे दिये गये डायलाग बॉक्स में दिये गये फाईल के प्रकार को चुनना होगा।
फाइल बनाने की प्रक्रिया:
जब भी आप एक नई फाइल बनाना चाहते हैं तो सर्वप्रथम आपको मेनमेन्यु मेंसे 'File'को चुनना होगा । इसके बाद 'new'पर क्लिक करना होगा ।फाइल के प्रकार के आधार पर इसमे से किसी एक विकल्प का चुनाव करना होगा। उदा. के लिये जैसे कि आप एक टेक्सट फाईल बनाना चाहते है तो आपको टेक्सट विकल्प का चुनाव करना होगा । यदि आप किसी विषय वस्तु को दर्शाना चाहते तो आपको presentation विकल्प को चुनना होगा। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य विकल्प जैसे स्प्रेडशीट,ड्राइग,मास्टर डाक्युमेंट आदि भीइसमे उपस्थित हैं
फाइल मेंयु के उपरोक्त सभी विकल्पो को नीचे दिये गये स्नेपशॉट के द्वारा दर्शाया गया हैं
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फाईल को खोलने(open) की प्रक्रिया : यदि आप किसी एसी फाइल को खोलना चाहते हैं जो कि पहले से उपस्थित हैं तो आपको 'open' पर क्लिक करना होगा । यह विकल्प फाइल मेन्यु में उपस्थित हैं । जैसे ही आप इस विकल्प पर क्लिक करेगें तो स्क्रिन पर आपको एक विंडो दिखेगी। इस विंडो में डायरेक्ट्री तथा फाईलो की सूची होगी ।आप इसमे से किसी भी फाइल को चुनकर इसमे बदलाव कर सकते हैं
फाईल को संचित('Save') करने की प्रक्रिया : किसी भी दस्तावेज में कार्यकरने के या उसमे सुधार करने के पश्चात आपको फाइल को संचित करना जरुरी हैं ।
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क्यो कि जैसाकि हम जानते है कि जब हम किसी भी फाइल में कुछ लिखते हैं या उसमे कुछ सुधार करते हैं तो हमेशा यह सिस्टम की प्राथमिक मेमोरी अर्थात रॅम(RAM) में उपस्थित होता हैं । यह एक अस्थाई मेमोरी हैं अर्थात जैसे ही हम सिस्टम का बटन बंद करते है तो इस मैमोरी में उपस्थित सम्पूर्ण डाटा हट जाता हैं । अतः जब भी आप किसी फाईल में कुछ बदलाव करे तो आप इसे जरुर संचित करें । इसके लिये आपको 'File' मेंयु में उपस्थित 'Save as' विकल्प का उपयोग करना पड़ेगा। इसके द्वारा जो भी डाटा संचित होगा वह सीधे सीधे हार्डडिस्क पर उपस्थित होगा । चुॅंकि हार्डडिस्क सिस्टम की द्वितीयक(सेकेण्डरी) मैमोरी हैं अत: इसमें उपस्थित डाटा हमेशा स्थाई होगा। यह डाटा तब तक नहीं हटेगा जब तक कि हम स्वयं उसे ना हटाये।
जैसे ही आप 'Save As' विकल्प पर क्लिक करते हैं तो स्क्रीन पर एक विंडो उपस्थित होगी जैसा कि नीचे दर्शाया गया हैं ।अब आप अपनी आवश्यकता के अनुसार विंडो में उपस्थित डायरेक्ट्री को खोल सकते हैं । आप फाइल को जिस नाम से संचित करना चाहते हैं उसे 'filename' इस इनपुट टेक्सट बार में दीजिये । आप फाइल का प्रारुप अपनी आवशयकता के अनुसार दे सकते हैं जैसे .swf OpenOffice.org के लिये तथा .doc MS Word के लिये
मुख्य बात यह हैं कि जब भी आप किसी फाइल में कार्य करते हैं तो उसे कुछ अंतराल के बाद जरुर संचित करें क्यो कि इससे यह होगा कि पावर जाने या कम्प्युटर की कुछ त्रुटि के बाद भी आपका डाटा संचित रहेगा ।
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'save all' से उन सभी फाईलो को संचित कर सकते है जो कि वर्तमान में खुली हुई है ।प्रत्येक फाईल को किसी विशेष वर्जन में भी संचित कर सकते है इसके लिये आपको 'File' मेंयु में उपस्थित Versions' विकल्प का उपयोग करना होगा ।
फाईल मेन्यु में उपस्थित अन्य विकल्प :
क्लोज (Close) - यह फाईल को बन्द कर देगा । इसके लिये आप आईकन ३ का भी उपयोग कर सकते हैं ।
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(1) (2) (3)
आईकन १ (Icon(1))- यह विडों को छोटा कर देगा ।
आईकन २ (Icon(2))- यह पुरानी विंडो के आकार को पुन संचित करेगा
रीलोड (Reload) - यह विकल्प उस फाईल को खोलेगा जो की पहले से उपस्थित है ।(प्रथम चित्र को देखे)
भेजे(Send): इस विकल्प के द्वारा आप फाईल को आपके दोस्त को ई-मेल के द्वारा भेज सकते है। (इसके लिये प्रथम चित्र देखे)
गुणधर्म (properties): इस विकल्प के द्वारा आप फाईल के प्रकार,उसके आकार,उसे बनाने मे लगे समय,वर्जनसंख्या और अन्य सूचनाओको देख सकते है । इन सभी सूचनाओ में आप बदलाव भी कर सकते है। (इसके लिये प्रथम चित्र देखे)
टेम्पलेट (Templates): इसके द्वारा आप एक नई टेम्पलेट बना सकते है या जो पहले से संचित है उसमे बदलाव कर सकते है ।(इसके लिये प्रथम चित्र देखे)
पेज की झलक (page preview) : इस विकल्प के द्वारा आप उस पेज की झलक देख सकते है । जिसे आप छापना(Print) चाहते है ।
प्रिंट (Print) : इसके द्वारा आप उपयोग में आने वाली फाइल का प्रिंटआउट ले सकते हैं
प्रिन्टर सेटींग(printer settings): इस विकल्प के द्वारा आप अपने प्रिन्टर की सेटींग में बदलाव कर सकते है किंतु यह प्रिंटर आपके कम्प्यूटर से लगा हुआ होना चाहिये ।
आॅटोपायलट (Autopilot): इस विकल्प के द्वारा आप कुछ बने बनाये फार्मेट का उपयोग कर सकते है जैसे लेटर, फेक्स, वेबपेज,आदि
बाहर (Exit): आप वर्ड प्रोसेसर से बाहर आ सकते हैं।
फाइल में संशोधन (Editing Files):
openoffice के मुख्य लक्षणो का उपयोग करके आप भिन्न भिन्न प्रकार के दस्तावेजो को बना सकते है। यह एक सामान्य टेक्सट फाइल के अलावा एक एसी ग्राफिक्स फाईल हो सकती है जिसमेकी हम स्केनर की सहायता से चित्रो को जोड सकते हैं । आप इन फाईलो में कुछ विशेष अक्षरो जैसे∝, ♠, ∭आदी का उपयोग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इसमे ड्राइग बना सकते हैं,दस्तावेज में शब्दो का आकार बदलसकते है इन्हे बोल्ड,इटालिक भी कर सकते है । इसमे उपस्थित बनेबनाये फार्मेट का उपयोग करके दस्तावेज को ओर अधिक आकर्षित बनाया जा सकता है ।
संशोधक मेंयु (The Edit Menu)
Figure 1
इस मेन्यु की सहायता से आप अपने दस्तावेज में किसी शब्द या वाक्य को हटा सकते है। उन शब्दो या वाक्यो को कॉपी करके दस्तावेज में पुनः दोहरासकते हैं । इसके अतिरिक्त इस मेंयु में अन्य कईलक्षण हैं जिन्हे हम नीचे बता रहे हैं ।
अंडू (Undo):- इस विकल्प का उपयोग करके पहले की गई प्रक्रिया को निरस्त किया जा सकताहै उदा. के लिये जैसे आप अपने दस्तावेज में किसी चित्र को डालते है और अब आप यह चाहते हैकी यह चित्र दस्तावेज मे ना रहे तो इसके लियेअंडू (Undo) विकल्प पर क्लिक करे ।
रिडू (Redo):- अंडू द्वारा निरस्त की गई प्रक्रिया को रिडू द्वारा पुनः दोहराया जा सकता हैं उदा.के लिये जैसे आप किसी चित्र को दस्तावेज में डालते है तभी उसे गल्ती से हटा देते है तो उसे पुनः लाने के लिये रिडू प्रेस करें ।
दोहराना (Repeat) :- इस विकल्प के द्वारा पहले की गई प्रक्रिया को वापस दोहरा सकते हैं ।
सर्वचयन (select all) :- किसी भी दस्तावेज मेंउपस्थित सभी टेक्सट या ग्राफीक्स को हम चुन सकते है ।
काटना (cut):- आपके द्वारा चुने गए टेक्स याग्राफीक्स को हटा सकते है ।जब भी हम इस विकल्प का का उपयोग करके किसी टेक्सट या ग्ाफिक्स को हटाते हैं तो यह क्लिक बोर्ड में आ जाते है। इसलिये हटाये गये टेक्सट या ग्राफिक्स को पुनः दस्तावेज में डाल सकते है ।
कॉपी(copy):- हम चुने गये टेक्सट या ग्राफिक्सको काॅपी कर सकते है। इस कॉपी किये गये टेकस्ट को दस्तावेज में पुनः डाल सकते हैं ।
चिपकाना (paste) :- यदि आप कॉपी की गये टेक्सट को दस्तावेज में पुनः दोहराना चाहते हैं तो आपको पेस्ट का उपयोग करना होगा ।
दस्तावेज की तुलना (compare Document) :- इस फंकशन के द्वारा किसी भी दो दस्तावेजो की तुलना कर सकते है तथा एक दस्तावेज से दूसरे दस्तावेज में टेक्सट या ग्राफिक्स को बदला भी जा सकता है ।
खोज और बदलाव (Find & Replace):- इनका उपयोग करके आप अपने दस्तावेज में से किसी शब्द(Word),शैली(Style) को खोज सकते है । साथ ही आप इस खोजे गये शब्द को किसी अन्य शब्द के द्वारा बदल भी सकते हैं
आॅटोटेक्सट(Autotext) :- इस विकल्प के द्वारा आप अपने दस्तावेज मे कुछ प्रमाणीक(Standard)टेक्सट को डाल सकते हैं। इसके अलावा आप अपना स्वयं का ऑटोटेक्सट बना सकते हैं
।
नेविगेटर (Navigater):- यह एक एसा आयकन हैं जिसकी सहायता से दस्तावेज में फोर्मेटींग आसानी से की जा सकती है । यदि आप इस आइकन पर क्लिक करें तो आपके सामने एक विन्डो उपस्थित होगी जैसा कि नीचे चित्र में दिखाया गया हैं। इस विन्डो को पेज दर पेज चलाया जा सकता है ।
प्लगइन (Plugin) :- इसके द्वारा अब कुछ एसे मेंयु डाल सकते है जो की दस्तावेज में उपस्थित नहीं हैं । उदा. के लिये जैसे यदि आप कोई चित्र दस्तावेज में डालते है तो इसके साथ में कुछकमान्ड और आयकन भी उपस्थित होते जाते है । इन कमान्ड तथा आयकनो की सहायता से चित्र मेंबदलाव कर सकते है ।
यदि आप टेक्सट क्षेत्र में माउस की सहायता से राईट क्लिक करते हैं तो आपके सामने एक फार्मेटींग मेंयु उपस्थित होगा जैसा कि नीचे चित्र में बताया गया हैं
डीफाल्ट (Default): इसमे कम्पनी के प्रमुख द्वारा कुछ मूल्यो को तय कर दिया जाता हैंं ।
फॉंट : इसकी सहायता से आप दस्तावेज में फॉंटको फॉट का आकार भी सेट कर सकते हैंं। इसके लिये हम जिस टूल बार का उपयोग करते हैं उसे नीचे चित्र द्वारा दर्शाया गया हैं
आकार (Size): आप चुने गये शब्दो के आकार में बदलाव कर सकते हैं तथा फॉंट का आकार भी सेत कर सकते हैं
शैली (Style): इसके द्वारा चुने गये टेक्सट में बदलाव कर सकते हैं। इसके लिये अनेक विकल्प हैं जैसे बोल्ड,अंडरलाईन,शेडो , आउटलाईन आदि । उपरोक्त विकल्पो को नीचे दिये गये चित्र में दर्शाया गया हैं
एलाइंमेंट (Alignment) इसकी सहायता से आप चुने गये टेक्सट को पेज के अनुसार दाये, बाये या केंद्र में सेट कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त रूलर लाईन के द्वारा भी ऐलाइनमेंट सेट किया जा सकता हैं
लाईन स्पेसिंग (Line Spacing) :- इसकी सहायता से आप टेक्सट की लाइनो के बीच में कुछ रिक्त स्थान सेट कर सकते है । यह स्थान सेट करने के लिये हमारे पास तीन विकल्प हैं ।
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1) Singl line specing
2) 1.5 line specing
3) Double line secing
पहले विकल्प के द्वारा टेक्सट के लाइनो के बीच में एक लाइन जितना रिक्त स्थान छोडा जासकता है ।
दूसरे विकल्प के द्वारा टेक्सट के लाइनो के बीच में डेढ लाइन जितना रिक्त स्थान छोडा जासकता है ।
तीसरे विकल्प के द्वारा टेक्सट के लाइनोके बीच में दो लाइनो जितना रिक्त स्थान छोडा जासकता है ।
उपरोक्त तीनो विकल्पो को नीचे दिये गयेचित्र में दर्शाया गया है ।
अक्षर (character) :- इसकी सहायता से आप चुने गये अक्षरो के लिये फोंट,आकार,भाषा,शैली तथारंग आदी बदल सकते है । इस विकल्प पर क्लिक करने पर नीचे दिये गये विंडो के समान एक विंडो खुलेगीं ।
पैराग्राफ (Paragraph) :- इसकी सहायता से आप टेक्सट के लिये पैरेग्राफ को सेट कर सकते है । इसके अलावा इसके द्वारा आप ऐलाइंमेंट,केस, बॉर्डर और कई अन्य बदलाव कर सकते है। इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद एक विंडो खुलेगी जैसाकि नीचे चित्र में दर्शाया गया हैं ।
पेज (page) :- इसके द्वारा आप पेज का प्रबंधनकर सकते है । अर्थात आप इस में हेडर,फुटर,बॉडर,कॉलम,फुटनोट आदी जोड सकते हैं। इस पर क्लिक करने पर एक विंडो खुलेगी जिसे कि नीचे दिखाया गया हैं ।
संख्या/बुलेटस(numbering/bullets) :- इसकीसहायता से आप अपने टेक्सट को सुचीबद्ध कर सकते है ।टेक्सट को सुचीबद्ध करने के लिये इसमे संख्या तथा चिन्ह दोनो उपस्थित है। इन्हे नीचे चित्र के द्वारा दर्शाया गया हैं
कँश / केरँक्टर (Case / Character) :- इसकी सहायता से
छोटे(small) या बडे(capital) अक्षरो में लिखा जा सकता हैं साथ ही अक्षरो कीं चौडाई को भीं बढ़ाया जा सकता हैं ।
यदी आप चुने गये टेक्स्ट पर माउस की सहायता से राइट क्लिक करते है तो एक मेंयु खुलेगा जैसा कि नीचे दिये गये चित्र में दिखाया गया हैं ।
व्यु मेंयु (View menu) :-
झुम (Zoom) :- इसकी सहायता से आप पेज के आकार को बढा सकते हैं । जब आप इस विकल्प पर क्लिककरते हैं तो एक विंडो खुलेगी जैसा कि नीचे चित्र में दर्शाया गया हैं । इस विंडो में उपस्थित विकल्पो की सहायता से आप पेज का आकर छोटा या बडा कर सकते है ।
व्ह्यु मेनु तथा झुम के लिये विन्डो मे निचे चित्र में दर्शाया गया है ।
टुल बार (Tool bars) :- इस विकल्प की सहायता से आप भिन्न भिन्न टुलबार को अपने दस्तावेज में सेट करसकते है । वैसे तो प्रत्येक दस्तावेज में कुछ टुलबार पहले से उपस्थित होते हैं किंतु इस विकल्प के द्वारा अब अपनी आवश्यकता के अनुसार टुलबार का चयन कर सकते है।
फक्शन बार (Function Bar) :- इस टूलबार में iONT>(ONT>फार्मेटिंग से सम्बन्धित विकल्प उपस्थित हैं ।
जैसा कि नीचे चित्र में दिखाया गया है ।
ऑब्जेक्ट बार (object Bar) :- इस बार की सहायता से हम फोर्मेट मेंयु में उपस्थित विकल्पो का उपयोग करसकते है । जैसे की उपरोक्त टूलबार में दिखाया गया है । इसके द्वारा फांट,फॉट का आकार , ऐलाइंमेंट सेट कर सकते हैं।
मेन टूलबार :
यह टूलबार स्क्रिन पर दायी(Left) ओर उपस्थित होता है । इसमे भिन्न भिन्न आयकन उपस्थित हैं। जिनका उपयोग हम दस्तावेज में कर सकते हैं
आयकन १ :
इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक विन्डो खुलेगी जैसे की उपर चित्र में बताया गया है। इसके द्वारा टेक्स क्षेत्र में टेबल को डाला जा सकता है ।
आयकन २ :
इसके द्वारा टेक्स क्षेत्र में फिल्ड को डाला जा सकता है । यह फिल्ड एक दस्तावेज, डेटाबेस , वेरीएबल(Variable) , आदी में से कुछ भी हो सकता है ।
आयकन ३ :
इसकी सहायता से ऑब्जेक्ट को दस्तावेज में डाला जा सकता है ।
आयकन ४ :
इसकी सहायता से आप तीर के निशान(arrow), लाइन(Line) , वृत और अन्य कई आकारो को बना सकते है ।
आयकन ५ :
इसकी सहायता से टेक्स क्षेत्र में फार्म को डाल सकते हैं ।
आयकन ६ :
इसकी सहायता से आप ऑटोटेक्स्ट को डाल सकते है । यह ऑटोटेक्स्ट एक लाईब्ररी है जिसमे की कुछ प्रामाणिक वाक्य उपस्थित होते है । सामान्यतः इसका उपयोग पत्रलेखन आदि में किया जाता हैं
आयकन ७ :
इसकी सहायता से कर्सर को क्रियाशील या अक्रियाशील बनाया जा सकता है ।
आयकन ८ :
इसकी सहायता से स्पेलचेक टूल को क्रियाशील बनाया जा सकता है ।
आयकन ९ :
इसकी सहायता से स्पेलचेकर को शुरु या बंद किया जा सकता है ।
आयकन १० :
इसकी सहायता से फाईन्ड(Find)/रिप्लेस(Replace) इस विन्डो को खोला जा सकता हैं । इस विकल्प को हम पहले ही पढ चुके हैंं ।
आयकन ११ :
फाइल मे बदलाव करते समय डेटासोर्स के व्यु को देख सकते है ।
आयकन १२ :
नॉन प्रिन्टींग अक्षरो को क्रियाशील या अक्रियाशील बनाया जा सकता है ।
आयकन १३ :
इसकी सहायता से चित्रों को टेक्स क्षेत्र में डाला जा सकता है ।
आयकन १४ :
इसकी सहायता से ऑनलाईन लेआउट को बदला जा सकता है ।
View Menu
रुलर (Ruler):-
इस फंक्शन से रुलर का व्ह्यु स्क्रिन पर देखा जा सकता है । रुलर लाइन से दस्तावेज में पैराग्राफ को सेट किया जा सकता हैं
स्टेटस बार (States Bar):-
इससे स्टेटस बार का व्ह्यु देखा जा सकता है ।
हिडन पेरेग्राफ (Hidden Paragraph):-
इससे हिडन पैराग्राफ को दिखाया या छुपाया जा सकता है ।
ऑनलाइन लेआउट (On line Lay Outs):-
इस फंक्शन से पेज के लेआउट को वेबसाइट के फोर्मेट मे बदला जा सकता है ।
फुल स्क्रिन (Full Screen):-
इसके व्दारा टेक्स्ट क्षेत्र बढ जाता है तथा टूलबार तथा अन्य स्क्रिन पर दिखाइ नहीं देते है ।
इंसर्ट मेनु (Insert Menu)
इस की सहायता से आप दस्तावेज मे कुछ मुख्य अक्षर , बुकमार्क , हेडर तथा फुटर आदी को जोड सकते है ।
Another Option :-
मेन्युअल ब्रेक (Menul Breck):- यह फंक्शन उस स्थान पर लाइन ब्रेक , यह पेजब्रेक या कॉलम ब्रेक को वहा डालता है जहा की कर्सर उपस्थित होता है ।
सेक्शन (Section):- इससे आप सेक्शन , इंडेन्ट कॉलम और फुटनोट को डाल सकते है । आप पार्श्वरंग(background) को भी बदल सकते है । इससे नई विंडो ओपन होगी जैसे की नीचे बताया गया है ।
हेडर (header):- दस्तावेज में हेडर और फुटर को डाला जा सकता है ।
फुटनोट (footnote):- दस्तावेज की अंत मे फुटनोट को डाला जा सकता है ।
कँप्शन (caption):- इससे आप दस्तावेज मे कँपशन को डालसकते है ।
